लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड


लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड


लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड (आमतौर पर लॉर्ड्स के नाम से जाना जाता है) लंदन के सेंट जॉन्स वुड में स्थित एक क्रिकेट खेलने वाला मैदान है। इसका नामकरण इसके संस्थापक थॉमस लॉर्ड के नाम पर किया गया है; यह मैदान मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के स्वामित्व में है और मिडिलसेक्स काउंटी क्रिकेट क्लब, द इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट क्लब (ईसीबी), द यूरोपियन क्रिकेट काउंसिल (ईसीसी) और अगस्त, 2005 तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) का गृह स्थान रहा है। लॉर्ड्स को "क्रिकेट के घर" के रूप में संदर्भित किया जाता है और यहां दुनिया का सबसे पुराना खेल संग्रहालय भी स्थित है।

आज लॉर्ड्स अपने मूल स्थान पर नहीं है, 1787 और 1814 के बीच लॉर्ड द्वारा यहां स्थापित तीन मैदानों में से यह तीसरा है। उनका पहला मैदान जिसे अब लॉर्ड्स के पुराने मैदान के रूप में जाना जाता है, आज के डोरसेट स्क्वायर के पास स्थित था। दूसरा मैदान लॉर्ड्स मिडिल ग्राउंड है जिसका 1811 से 1813 के बीच इस्तेमाल किया गया था, उसके बाद उसकी आउटफील्ड से गुजरने वाली रीजेंट्स कैनल के निर्माण कार्य के कारण इसे बंद कर दिया गया। वर्तमान में लॉर्ड्स का जो मैदान है वह मिडिल ग्राउंड के 250 गज़ (230 मी॰) उत्तर-पश्चिम में स्थित है। लॉर्ड्स में एक प्रमुख पुनर्निर्माण योजना प्रस्तावित है जिससे मैदान में दस हजार अतिरिक्त लोगों के बैठने की जगह बनेगी साथ ही इसमें अपार्टमेंट्स और एक आइस रिंक भी जुड़ जाएंगे.

आरंभिक इतिहास

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक वर्तमान के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर 22 जून 1814 को पहली बार मेरिलबोन क्रिकेट क्लब बनाम हर्टफोर्डशायर के बीच मैच खेला गया था।

लॉर्ड्स के सबसे पुराने क्रिकेट फिक्सचर की बात करें तो (जो कि आज भी जारी है) वह है एटॉन बनाम हैरोमैच का मैच जो पहली बार जुलाई, 1805 में पुराने मैदान पर खेला गया था और वर्तमान के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर जुलाई, 1818 में खेला गया था।


मैदान

स्टैंड

लॉर्ड्स में फिलहाल जो स्टैंड्स हैं वो निम्न प्रकार से है (घड़ी की दिशा में):

  • पेवेलियन
  • वार्नरस्टैंड
  • ग्रांड स्टैंड
  • कॉम्पटन स्टैंड
  • मीडिया सेंटर
  • एडरिक स्टैंड
  • माउंड स्टैंड
  • टैवर्न स्टैंड
  • एलन स्टैंड

लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड का ज्यादातर हिस्सा 20वीं सदी के आखिर में तैयार हुआ है। 1987 में सर माइकेल हॉपकिंस द्वारा डिजाइन किया हुआ नया माउंड स्टैंड खुला था, जिसके बाद 1996 में ग्रैंडस्टैंड (निकोलस ग्रिमशॉ द्वारा) खुला. सबसे खास मीडिया सेंटर (फ्यूचर सिस्टम द्वारा) 1998-99 में जोड़ा गया जिसे 1999 में द रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स स्टर्लिंग प्राइज से नवाजा गया। फिलहाल इस मैदान पर 32 हजार दर्शकों के बैठने की जगह है। पिच के दोनों छोर हैं - पेवेलियन छोर (दक्षिण-पश्चिम), जहां सदस्यों का मुख्य पेवेलियन स्थित है और नर्सरी छोर (उत्तर-पूर्व), जहां मीडिया सेंटर मौजूद है।

पेवेलियन

इन्हें भी देखें: Long Room

विक्टोरियन युग की एक अहम चीज जो अब भी यहां मौजूद है वो है अपने प्रसिद्ध लॉन्ग रूम के साथ द पेवेलियन; इसे शिल्पकार थॉमस वेरिटी द्वारा तैयार डिजाइन के आधार पर 1889-90 में बनाया गया था। अभी हाल ही में 2004-05 में ग्रेड-II में सूचीबद्ध — इस ऐतिहासिक इमारत — का 8 मिलियन पाउंड की रकम से पुनर्निर्माण किया गया था। पेवेलियन मुख्य रूप से एमसीसी के सदस्यों के लिए हैं जो क्रिकेट देखने के लिए कुर्सियों का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसके अलावा वे लॉन्ग रूम, लॉन्ग रूम बार, बॉलर्स बार, सदस्यों की दुकान समेत यहां मौजूद दूसरी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। मिडिलसेक्स के मैचों के दौरान पेवेलियन को मिडिलसेक्स काउंटी क्लब के सदस्यों को लिए खोल दिया जाता है। पेवेलियन में ड्रेसिंग रूम भी शामिल है जहां खिलाड़ी अपने कपड़े बदलते हैं, जिसमें प्रत्येक में एक बालकनी है जिससे खिलाड़ी मैच भी देख सकें. दोनों मुख्य ड्रेसिंग रूम में ऑनर्स बोर्ड हैं, जहां लॉर्ड्स में खेले गए टेस्ट मैचों में शतक जमाने वाले, एक पारी में पांच विकेट लेने वाले और एक टेस्ट में दस विकेट लेने वाले खिलाड़ियों को दर्शाया गया है।

ओल्ड फादर टाइम

इस मैदान की दिखाई देने वाली एक और मुख्य विशेषता है ओल्ड फादर टाइम, यह फादर टाइम के आकार का एक वायु दिशासूचक यंत्र है जो फिलहाल मैदान के दक्षिण-पूर्व के एक स्टैंड की शोभा बढ़ा रहा है।

मीडिया सेंटर

1999 क्रिकेट विश्व कप के दौरान मीडिया सेंटर को बनाया गया था और एल्यूमिनियम से बनी ये दुनिया की पहली सेमी-मोनोकॉक इमारत थी। इसे दो बोटयार्ड्स में बनाया और फिट किया गया था और इसमें बोट-बिल्डिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। यह सेंटर मैदान के 15 मीटर (49 फीट) ऊपर स्थित है और इसका एकमात्र सहारा इसकी दो मीनारों — के चारों ओर बना ढांचा है जिसकी ऊंचाई मैदान के दूसरे छोर पर स्थित पेवेलियन के समान है। इस केंद्र की निचली दीर्घा में सौ से ज्यादा पत्रकारों के बैठने की जगह है और सबसे उपरी दीर्घा में रेडियो तथा टेलीविजन कमेंट्री बॉक्स हैं। इस केंद्र की एकमात्र खुलने वाली खिड़की ब्रॉडकास्टिंग बॉक्स में है जिसका इस्तेमाल टेस्ट मैच स्पेशल द्वारा किया जाता है। इस इमारत को 1999 में इसकी वास्तुकला की वजह से आरआईबीए स्टर्लिंग प्राइज से सम्मानित किया जा चुका है।

टैवर्न स्टैंड

क्रिकेटर्स और क्रिकेट प्रेमियों के एक चैरिटेबल समूह द लॉर्ड्स टैवर्नर्स ने लॉर्ड्स के पुराने टैवर्न पब से अपना नाम लिया है जहां संगठन के संस्थापक जमा हुआ करते थे। अब ये पब मौजूद नहीं है और टैवर्न स्टैंड अपनी पुरानी जगह पर है। हालांकि मैदान में इसी नाम से एक नया पब खुल गया है, इसके साथ ही पेवेलियन में एक मेंबर्स बार भी खुला है।

मैदान

लॉर्ड्स के मैदान की सबसे विशिष्ट और लोकप्रिय विशेषता मैदान के चारों तरफ की अत्यधिक ढलान है। उत्तर-पश्चिम में मैदान पर जो खेलने की सतह है वो दक्षिण-पूर्व की सतह से करीब आठ फीट ऊंची है।[कृपया उद्धरण जोड़ें] इस ढलान की वजह से पिच पर गेंद की उछाल में काफी विभिन्नता देखी जाती है, जब पेवेलियन छोर से गेंदबाजी डाली जाती है तब गेंद को दाहिने हाथ के बल्लेबाज की ओर घुमाने में आसानी होती है और जब नर्सरी छोर से गेंदबाजी की जाती है तो गेंद को बल्लेबाज से दूर घुमाने में आसानी होती है। मैदान का आउटफील्ड पानी जमने की वजह से बदनाम था और मॉरिस डे रोहन की अध्यक्षता में एस्टेट्स कमेटी की ओर से 2002-03 की सर्दियों में पूरे आउटफील्ड को दोबारा से तैयार किया गया। इसमें किए गए निवेश (करीब 2 मिलियन पाउंड) से तुरंत फायदा हुआ और बारिश की वजह से प्रभावित मैचों के टिकट के पैसे लौटाने की जरूरत काफी कम हो गई।

ग्रेस गेट्स

इस मैदान की विशेषताओं में से एक है इसकी सुंदर दरवाजों की जोड़ी, जिसका नामकरण डब्ल्यू जी ग्रेस के नाम पर किया गया है। 1923 में मैदान के सेंट जॉन्स वुड रोड के प्रवेश द्वार पर डब्ल्यू जी ग्रेस मेमोरियल गेट्स का निर्माण किया गया था। इनका डिजाइन सर हर्बर्ट बेकर ने तैयार किया था और इसके उद्घाटन समारोह में सर स्टैनली जैक्सन ने प्रदर्शन किया था, जिन्होंने प्रस्तावना में द ग्रेट क्रिकेटर शब्दों को शामिल करने का सुझाव दिया था।

फ्लडलाइट्स

2007 में मैदान में अस्थायी फ्लडलाइट्स स्थापित किए गए थे लेकिन सेंट जॉन्स वुड के रहवासियों द्वारा रोशनी प्रदूषण की शिकायत के बाद 2008 में लाइट्स को हटाना पड़ा था। जनवरी, 2009 में वेस्टमिनिस्टर काउंसिल ने नए स्थापित फ्लडलाइट्स के इस्तेमाल की इजाजत दे दी। इन नए लाइट्स को मैदान के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया था जिससे आसपास के घरों में इसकी रोशनी कम से कम पहुंचे। वेस्टमिनिस्टर काउंसिल की ये इजाजत बिना किसी शर्त के नहीं थी। लाइट्स पांच साल की ट्रायल अवधि के लिए थे जहां इन लाइट्स की रोशनी में अप्रैल से सितंबर के दौरान 12 मैच और 4 अभ्यास मैच खेले जा सकते थे। रात 9.50 बजे लाइट्स को उसकी क्षमता से आधा मंद कर दिया जाना था और रात 11 बजे तक पूरी तरह से बंद करना जरूरी था। इन लाइट्स का पहली बार सफल इस्तेमाल 27 मई 2009 को मिडलसेक्स बनाम केंट के बीच ट्वेंटी20 कप मैच में किया गया।

क्रिकेट का इस्तेमाल

लॉर्ड्स टेस्ट मैच, एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय, मिडलसेक्स के कुछ घरेलू मैच, एमसीसी के मैच (जुलाई, 2004 में मिडलसेक्स और सरे के बीच मैच से शुरू) और मिडलसेक्स के कुछ घरेलू ट्वेंटी20 मैचों की मेजबानी करता है।

गर्मी के दिनों के पहले टेस्ट समेत लॉर्ड्स प्रत्येक गर्मी के मौसम में दो टेस्ट मैचों और दो एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों की मेजबानी करता है। लॉर्ड्स नैशनल विलेज क्रिकेट कंपीटिशन, एमसीसी यूनिवर्सिटीज चैलेंज टूर्नामेंट और द फ्रेंड्स प्रॉविडेंट ट्रॉफी के फाइनल्स की मेजबानी भी करता है। इनके अलावा प्रत्येक सीजन में फाइनल को छोड़कर लॉर्ड्स ट्वेंटी20 के दो मैचों की मेजबानी भी करता है।

लॉर्ड्स पर खेले जाने वाले सबसे पुराने मैचों में हर साल होने वाला एटॉन बनाम हैरो मैच है जिसकी शुरुआत 1805 में हुई थी (1805 के हैरो एकादश में लॉर्ड बायरॉन खेले थे) और 2005 में जिसका दो सौ साल पूरा होने का जश्न मनाया गया। मैचों में हमेशा जोरदार मुकाबला देखने को मिलता है। 2000 के बाद से 55 ओवर्स का मैच हो गया है, लेकिन इससे पहले यह डेकलरेशन और उससे भी पहले दो दिनों में दो पारियों का मैच हुआ करता था। जीत के मामले में पलड़ा एटॉन के पक्ष में था लेकिन द्विशतवार्षिकी वर्ष में विजेता हैरो रहा था।

एमसीसी संग्रहालय

लॉर्ड्स में एमसीसी संग्रहालय है जो दुनिया में सबसे पुराना खेल संग्रहालाय है और जहां द एशेज समेत क्रिकेट से जुड़ी दुनिया की सबसे यादगार चीजें सहेज कर रखी हुईं हैं। एमसीसी 1864 से यादगार चीजें का संग्रह करती रही है। यहां जो यादगार चीजें रखी हुईं हैं उनमें विक्टर ट्रंपेर, जैक हॉब्स, डॉन ब्रैडमैन और शेन वार्न जैसे खिलाड़ियों की क्रिकेट किट और डब्ल्यू जी ग्रेस के करियर से जुड़ी कई चीजें शामिल हैं; और कुछ खास चीजें भी हैं जैसे यहां एक स्टफ्ड स्पैरो रखा हुआ है जिसे 3 जुलाई 1936 को एमसीसी की ओर से बल्लेबाजी कर रहे टी एन पीयर्स को गेंदबाजी करते समय केंब्रिज यूनिवर्सिटी के गेंदबाज जहांगीर खान ने बोल्ड आउट कर दिया था। यहां विस्डेन की एक क्षतिग्रस्त प्रति भी मौजूद है जिससे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ई डब्ल्यू स्वांटन को जापानी युद्धबंदी शिविर में कैद रहने के दिनों में खुद को बचाए रखने में मदद मिली थी। ऐतिहासिक कलाकृतियों को जमा करने का संग्रहालय का काम अब भी जारी है और साथ ही जारी है नई चित्रकारी का काम देना तथा "एमसीसी यंग क्रिकेट फोटोग्राफर" का काम लेना. अभी हाल ही में ब्रायन लारा के जीवन और करियर पर आधारित एक प्रदर्शनी खोली गई, जो कि विशेष तौर पर बच्चों के लिए उपयुक्त है। इसमें ब्रायन जॉन्सटन मेमोरियल थिएटर शामिल है, ये एक सिनेमा है जिसमें दर्शकों के लिए ऐतिहासिक क्रिकेट मैच के फुटेज को दिखाया जाता है। एमसीसी संग्रहालय के दौरे के तहत दर्शकों को एक गाइड के मार्गदर्शन में मैदान की सैर कराई जाती है। इसी तरह मैच वाले दिन टिकट धारक दर्शक भी अलग से शुल्क देकर इस संग्रहालय का दौरा कर सकते हैं।

लॉर्ड्स पर खेले गए टेस्ट मैच

लॉर्ड्स के मैदान पर सौ से भी ज्यादा टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं, जिनमें से पहला टेस्ट 1884 में खेला गया था जब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को एक पारी और पांच रन से हराया था। ऑस्ट्रेलिया की इस मैदान पर पहली जीत 1888 में 61 रनों से हुई थी। दक्षिण अफ्रीका ने लॉर्ड्स पर अपना पहला मैच 1907 में खेला था और इस मैदान ने 1912 में ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के मैच की मेजबानी भी की है। 1928 में वेस्ट इंडीज ने पहली बार लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट मैच खेला, इसके बाद न्यूजीलैंड (1931), भारत (1932), पाकिस्तान (1954), श्रीलंका (1984), जिम्बाब्वे (2000) और बांग्लादेश (2005) ने लॉर्ड्स पर अपना पहला मैच खेला। 2000 में लॉर्ड्स पर वेस्टइंडीज के खिलाफ सौवां टेस्ट मैच खेला गया। 25 अगस्त 2010 तक लॉर्ड्स पर इंग्लैंड 119 टेस्ट मैच खेले हैं, इनमें 45 में उसे जीत, 28 में हार और 46 बराबरी पर रहे हैं। इस मैदान पर खेले गए टेस्ट मैचों में क्रिकेटरों द्वारा हासिल की गई निजी उपलब्धियों को शतक जमाने वाले बल्लेबाजों और पारी में पांच विकेट या पूरे मैच में दस विकेट लेने वाले गेंदबाजों का नाम ड्रेसिंग रूम के सम्मान बोर्ड पर अंकित किया जाता है। 1934 के बाद इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को पहली बार 2009 के एशेज श्रृंखला के दूसरे मैच में हराया था।

गर्मी के प्रत्येक मौसम में लॉर्ड्स में दो टेस्ट मैचों का आयोजन किया जाता है, दौरा करने वाली प्रत्येक टीम का एक मैच यहां आयोजित होता है। हालांकि ईसीबी प्रति मैदान में एक मौसम में एक मैच की सीमा तय कर सकती है, एमसीसी इस प्रस्ताव पर ईसीबी से इस पर बातचीत कर रही है।[कृपया उद्धरण जोड़ें] 2010 में स्टेडियम में तीन टेस्ट मैचों का आयोजन किया गया। बांग्लादेश और पाकिस्तान के खिलाफ इंग्लैंड के मैचों के अलावा जुलाई में ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच खेले गए टेस्ट मैच का भी इस स्टेडियम में आयोजन हुआ।

लॉर्ड्स पर 21 से 25 जुलाई 2011 में इंग्लैंड और भारत के बीच होने वाला मैच 2000वां अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मैच था।

Giuseppe Zanotti

अन्य खेल

ग्रेट वार के दौरान कनाडाई विधवाओं और अनाथों हेतु रकम जमा करने के लिए लॉर्ड्स के मैदान पर बेसबॉल खेल का आयोजन किया गया था। एक कनाडाई टीम का अमेरिकी टीम से मुकाबला हुआ था जिसे दस हजार लोगों ने देखा था। पहले के दिनों में लॉर्ड्स मैदान पर बॉल्स, टेनिस, तीरंदाजी और कुछ अन्य खेल खेले जाते थे लेकिन रग्बी या फुटबॉल कभी नहीं खेला गया। हाल में, निकट भविष्य में लॉर्ड्स के मैदान पर मेजर लीग बेसबॉल मैचों के आयोजन पर बातचीत हो रही है।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

2012 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक्स के तहत भी लॉर्ड्स पर खेल के आयोजन की योजना है। पेवेलियन के सामने तीरंदाजी मुकाबले का आयोजन किया जाएगा, जहां तीरंदाज एलेन स्टैंड के सामने खड़े होंगे और लक्ष्य ग्रैंड स्टैंड के सामने होंगे। लॉर्ड्स में एक वास्तविक टेनिस कोर्ट भी है।

परिवहन संपर्क

टेस्ट मैच के रिकार्ड

व्यक्तिगत रिकार्ड

बल्लेबाजी

गेंदबाजी

टीम रिकार्ड

साझेदारी रिकार्ड

28 अगस्त 2010 तक सभी आंकड़े सही हैं।

इन्हें भी देखें

  • लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शतकों की सूची

सन्दर्भ

संदर्भग्रन्थ

  • Midwinter, Eric (1981). W G Grace: His Life and Times. George Allen and Unwin. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0047960543.
  • Wright, Graeme (2005). Wisden at Lord's. John Wisden & Co. Ltd. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0947766936.
  • Rice, Jonathan (2001). One Hundred Lord's Tests. Methuen Publishing Ltd. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 0413761207.

बाहरी कड़ियाँ

  • लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड
  • क्रिकइन्फोज़ प्रोफ़ाइल ऑफ लॉर्ड्स
  • क्रिकइन्फोज़ पेज ऑन दी ऑरिजनल लॉर्ड्स

साँचा:English first-class cricket venues to 1825 साँचा:2012 Summer Olympics venues


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